चन्द्र ग्रह का 12 भावों में फल लाल किताब के अनुसार
लाल किताब के अनुसार, चंद्र ग्रह का संबंध भगवान शिव से है। साथ ही लाल किताब में चंद्र ग्रह को माता के प्यार का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह भी बताया गया है। चंद्र ग्रह का 12 भावों में फल सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूप से पड़ सकता है। हालाँकि चंद्र ग्रह की शांति के लिए लाल किताब के टोटकों का बड़ा महत्व है। चंद्र ग्रह को लेकर लाल किताब के उपाय वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रह शांति के उपाय से भिन्न होते हैं। चलिए जानते हैं लाल किताब के अनुसार, जन्म कुंडली के 12 भाव पर चंद्र ग्रह का प्रभाव:
लाल किताब में चंद्र ग्रह का महत्व
लाल किताब के अनुसार चंद्रमा कुंडली में चौथे भाव का स्वामी होता है। कुंडली में चौथा भाव माँ का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है। यह कर्क राशि का स्वामी होता है। सभी ग्रहों में चंद्रमा का गोचर सबसे कम अवधि का होता है। यह एक राशि में लगभग सवा दो या ढाई दिन रहता है। सूर्य, मंगल और गुरु से चंद्रमा की मित्रता है। अपने मित्र ग्रहों के साथ चंद्रमा का फल अच्छा होता है।
लाल किताब के अनुसार चंद्रमा प्रकाश देने वाला ग्रह है। यदि व्यक्ति की कुंडली में चंद्र ग्रह बली हो तो जातक को इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है। लाल किताब में चंद्रमा को गर्मी को शीतलता में परिवर्तन करने वाला ग्रह बताया गया है। वहीं हिन्दू ज्योतिष में किसी व्यक्ति विशेष के राशिफल को ज्ञात करने के लिए चंद्र राशि का विचार किया जाता है।
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रह के कारकत्व
वैदिक ज्योतिष के समान चंद्र ग्रह को लाल किताब में भी माता का कारक बताया गया है। यह माता के खानदान पक्ष को दर्शाता है। इसके साथ ही प्यार, दयालुता, उदारता, मन की शांति और मनुष्य की नीयत आदि को चंद्रमा के द्वारा ही देखा जाता है। इसके अलावा चंद्रमा से खेती के लिए भूमि, घोड़ा, मल्लाह, चावल, दूध, दादी, बूढ़ी स्त्री, सफेद या दूधिया पत्थर का भी विचार किया जाता है। पानी अथवा दूध से बने पदार्थ सबके सब चंद्रमा से संबंध रखते हैं। समुद्र में होने वाली हलचल, ज्वार-भाटा आदि आने का कारक भी चंद्रमा होता है।
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रह का संबंध
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रह का संबंध जल या तरल पदार्थ से संबंधित कार्य व व्यवसाय से होता है। इसमें पेयजल, पेट्रोलियम पदार्थ, दूध से जुड़े सभी उत्पाद, पेय पदार्थ आदि सभी का जुड़ाव चंद्रमा से है। यदि कुंडली में चंद्रमा दुर्बल या पीड़ित होता है तो जातक को मानसिक कष्ट होते हैं। अर्थात सिरदर्द, तनाव, डिप्रेशन, पागलपन जैसी बीमारियों का भी संबंध चंद्रमा से होता है। ज्योतिष में सफेद रंग को चंद्रमा से जोड़ा जाता है। इसलिए चंद्रमा के शुभ फल को पाने के लिए मोती रत्न को धारण किया जाता है। वहीं दो मुखी रुद्राक्ष भी चंद्र ग्रह के लिए धारण की जाती है। साथ ही खिरनी की जड़ को धारण करने से चंद्रमा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रह के प्रभाव
लाल किताब के अनुसार जब चंद्रमा कुंडली में बलवान हो तो जातक को इसके सकारात्मक लाभ प्राप्त होते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि चंद्रमा अपने मित्र ग्रहों के साथ बली होता है। वहीं इसके विपरीत यदि जन्म-पत्रिका में चंद्र ग्रह की स्थिति कमज़ोर होती है तो यह जातकों के लिए अशुभ परिणामकारी होता है। आइए जानते हैं चंद्रमा के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव :
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सकारात्मक प्रभाव - बली चंद्रमा के प्रभाव से जातक को मानसिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही जिस व्यक्ति का चंद्रमा उच्च का होता है माँ के साथ उस जातक के संबंध मधुर होते हैं और माँ का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। बली चंद्रमा के प्रभाव से जातक अपने कार्य से मानसिक रूप से संतुष्ट दिखाई देगा। चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव से जातकों की कल्पना शक्ति भी मजबूत होती है।
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नकारात्मक प्रभाव - चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहेगा और वह तनावग्रस्त रहेगा। उसे सिरदर्द, डिप्रेशन, पागलपन, बेचैनी आदि की शिकायत रहती है। चंद्रमा के कमज़ोर होने से जातकों को माँ का सुख नहीं मिल पाता है। पीड़ित चंद्रमा के कारण जल संकट भी संभव है।
लाल किताब के अनुसार चंद्रमा ग्रह शांति के उपाय
ज्योतिष में लाल किताब के उपाय को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। अतः लाल किताब में चंद्र ग्रह की शांति के टोटके जातकों के लिए बहुत ही लाभकारी और सरल होते हैं। अतः इन्हें कोई भी व्यक्ति आसानी से स्वयं कर सकता है। चंद्र ग्रह से संबंधित लाल किताब के उपाय करने से जातकों को चंद्र ग्रह के सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। चंद्र ग्रह से संबंधित लाल किताब के उपाय निम्नलिखित हैंः
- पुत्र सुख के लिए भूमि में सौंफ दबाएँ
- घर में चाँदी की थाली शुभ होगी
- दरिया में पैसे डालें
- ज़रुरतमंद लोगों को जल व दूध पिलाएँ।
लाल किताब के उपाय ज्योतिष विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित हैं। अतः ज्योतिष में इस पुस्तक को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उम्मीद है कि चंद्र ग्रह से संबंधित लाल किताब में दी गई यह जानकारी आपके कार्य को सिद्ध करने में सफल होगी।
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